घर का वास्तुशास्त्र क्या कहता है

आपके घर का वास्तुशास्त्र जानिए

आप आपके दैनिक जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करते है, और उन परेशानियों के सुधार के लिए आप क्या करते है, उसी के समाधान के लिए आइये सबसे पहले आपके घर का वास्तुशास्त्र देखे, क्योकि आपके घर के वास्तुशास्त्र से भी आपके जीवन में बहुत परेशानिया आती है.

घर के उत्तर तथा पूर्व की तरफ अधिक खुला होना शुभ लक्षण है.

रहवासी भवन का मुख्य द्वार बहुत विशाल नहीं होना चाहिए, अन्यथा वहाँ नाना प्रकार की असामान्य प्रकार की घटनाए होती है.

बहुत अधिक पथरीली भूमि पर बने भवन के रहवासी प्राय: कष्ट में रहते है.

जिस घर के मुख्य द्वार के ठीक सामने स्थायी गड्डा हो, वह घर के पुरुषों को गड्डे में ले जाता है.

जिस भवन के मुख्य द्वार के समक्ष वृक्ष होता है, वहाँ के रहवासी ईर्ष्यालु प्रकृति के हो जाते है.




जिस भवन की खुदाई के समय राख व हड्डी निकले वहाँ शांति समाधान कराये बिना नहीं रहना चाहिए.

घर में शूल वाले एवं दुग्ध वाले वृक्षों को कदापि न लगायें

घर में रखे हुए पायों का (तख़्त के) अचानक टूटना किसी विपत्ति की सूचना देता है.

ये किसी स्थान पर वास्तु से जुडी कुछ घटनाएँ थी. इस प्रकार कई बार कुछ जीव भी हमें कुछ संकेत देते है. पेश है ऐसे कुछ संकेत

घर का वास्तुशास्त्र

घर का वास्तुशास्त्र

जीव शकुन

जिस रहवासी भवन में प्राय: बिल्लिया लडती रहती है, वहाँ विवाद वृद्धि होती है.

जिस भवन के द्वार पर आकर गाय जोर जोर से रंभाने लगे, वहाँ सुख वृद्धि होती है.

जिस भवन में आकरण ऊँट प्रवेश करता है, वहाँ विपत्ति आती है.

घर में चमकादडों का वास अशुभ है.

जिस भवन में काली चीटियाँ समूह बद्ध होकर घूमती है, वहाँ एश्वर्य वृद्धि होती है.

जिस घर के आँगन में कोआ अस्थि का टुकड़ा गिराता है, वहाँ चोरी होती है.

भवन के दाई तरफ गधा रेंगे तो शुभ घटना की सूचना मिलती है.

घर के प्राकृतिक रूप से कबूतरों का वास शुभ होता है.

घर में मकड़ी के जले नहीं होने चाहिए. ये अशुभ के सूचक होते है. घर की सीमा में मयूर का नृत्य करना अथवा रहना अशुभ है. कभी-कभी गमन करते समय भी जीवों द्वारा शकुन अपशकुन होते है. चलते समय यदि गधा बाई तरफ सिर को हिलाता हुआ दिखे तो कुशल सूचक होता है.

चलते समय मुर्गे का बाई तरफ बोलना उत्तम है.

पीछे तथा सामने जब गधा बोलता है. उस समय गमन करना अच्छा है, उसी प्रकार चलते समय गधे का बाई तरफ मिलना व धुसते समय दाहिनी तरफ मिलना उत्तम है.

यदि तोता बायीं तरफ बोले, तो भय, दाहिनी तरफ बोले तो महालाभ, सुखी हुई लकड़ी पर बैठकर बोले तो भय तथा सम्मुख बोले तो बंधन का सुचक होता है.

यदि मेना सामने बोले तो कलह, दाहिनी तरह बोले तो लाभ और सुख, बायीं तरफ बोले तो अशुभ तथा पीठ पीछे बोले तो मित्र समागम का सूचक होता है.

आमतौर पर बिल्ली का रास्ता काटना अशुभ होता है. उसी प्रकार सर्प का रास्ता काटना भी अशुभ होता है.

सम्बंधित पोस्ट

तिलक क्यों लगायें ? जानिए तिलक का महत्व को

 

indiahindiblog

India Hindi Blog हिंदी भाषी लोगो के लिए बनाया गया है, ये भारत के उन सभी लोगो के लिए है जो खुद ऑनलाइन पढ़ना चाहते है, अपने ज्ञान को बढाना चाहते है. हर तरह की जानकारियों से अपने आपको अपडेट रखना चाहते है. इसलिए हमारे द्वारा इस ब्लॉग को आपके लिए तैयार किया गया. आप इस ब्लॉग में सभी तरह की जानकारियों का ज्ञान ले सकते है. इस ब्लॉग में आपको चिकित्सा, टेक्नोलॉजी, खेल, सामान्य ज्ञान, इतिहास, अनमोल विचार, इन सभी का संग्रह आपके लिए यहाँ पर उपलब्ध है.

You may also like...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *