हिंदी कविता विकासक्रम | Hindi Poetry Development

हिंदी कविता विकासक्रम

हिंदी साहित्य का प्रारम्भ पध्य रचना से हुआ. इसलिए हिंदी कविता विकासक्रम हिंदी साहित्य का इतिहास कविता के विकासक्रम से जुड़ा है. हिंदी भाषा का प्रारम्भ लगभग आठवी नवी शताब्दी से ही हो गया था. लेकिन उसका व्यवस्थित तथा निश्चित स्वरूप दसवी शताब्दी में मिलता है.





आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने हिंदी साहित्य का प्रारम्भ संवत 1050  से माना है. संवत 1050 से लेकर अब तक के समय को निम्नलिखित चार कालों में विभाजित किया गया है.

  • आदिकाल वीरगाथाकाल संवत 1050 से संवत 1375 तक
  • पूर्व मध्यकाल भक्तिकाल संवत 1375 से संवत 1700 तक
  • उत्तर मध्यकाल रीतिकाल संवत 1700 से संवत 1900 तक
  • आधुनिककाल संवत 1900 से अब तक

यह काल विभाजन तथा नामकरण उस काल विशेष में पायी जाने वाली प्रमुख साहित्यिक प्रवृति के आधार पर किया गया है.

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उदहारण के लिए वीरगाथाकाल में वीरगाथाओ की प्रधानता तथा भक्तिकाल में भक्ति सम्बन्धी रचनाओ कि प्रधानता होने के फलस्वरूप इन कालो को क्रमशः वीरगाथाकाल और भक्तिकाल की संज्ञा दी गयी है. काव्य प्रवितियों को आधार माना गया है.

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