हिंदी में मुहावरे | Idioms Meaning | मुहावरों का अर्थ

हिंदी में मुहावरे

मुहावरे ऐसे कथन होते है, जो जीवन में संचित अनुभवों के आधार पर किसी समाज विशेष में प्रचलित हो जाते है. ऐसे ही हिंदी में मुहावरे का प्रयोग होने से कथन में आकर्षण तथा प्रभाव उत्पन्न हो जाता है. इससे भाषा सरस, सरल तथा सुबोध बन जाती है.





मुहावरे सामान्य अर्थ न बतलाकर विशेष अर्थ बताते है. यह विशेष अर्थ कभी नहीं बदलता. विशेष अर्थ से अभिप्राय है. मुहावरे का भाव यानी व्यजंना. मुहावरे पूर्ण वाक्य न होकर वाक्य के अंश होते है. वाक्य में प्रयुक्त होने पर ही अपना पूर्ण अर्थ व्यक्त करते है. जैसे दांत दिखाना, एक-एक ग्यारह होना, लाल पीला होना इत्यादि.




हिंदी में मुहावरे में लोकोप्ति का अर्थ निम्न तरह से है

लोक में प्रचलित उक्ति यानी संसार में प्रसिद्ध बात है. किस्सा या कथा जुड़े रहने से इन्हें कहावत अर्थात कथा के समान भी कहते है. लोकोक्ति किसी स्थान के समर्थन के लिए प्रयुक्त की जाती है. लोकोक्ति अपने आप में एक वाक्य के रूप में होती है तथा स्वतंत्र रूप से अपना अर्थ व्यक्त करने में समर्थ होती है. जैसे नाच न जाने आँगन टेढा, अरहर की टट्टी गुजराती ताला, अधजल गगरी छलकत जाय आदि.

अंगूठा दिखाना – कुछ व्यक्ति अपने साथियों से अपना काम तो निकाल लेते है, किन्तु जब साथियों का काम पड़ता है तो अंगूठा दिखा देते है.

हिंदी में मुहावरे - Idioms meaning in Hindi

हिंदी में मुहावरे – Idioms meaning in Hindi

(इनकार करना) – राम ने मोहन को अंगूठा दिखाते हुए कहा मैं वहाँ नहीं जाता, मेरा क्या बिगाड़ लोगे.

आँच न आना (हानि न होना) – जिसकी ईश्वर सहायता करता है, उस पर कोई आँच नहीं आ सकती.

आँखे खुलना (भ्रम दूर होना, सावधान होना) – रामलाल की आँखे तब खुली, जब उसका बेटा घर से भाग गया.

अंधे की लकड़ी (एकमात्र सहारा) – अब यही एक पुत्र मुझ अंधे की लकड़ी है.

अंकुश की लकड़ी (एकमात्र सहारा) – अब यही एक पुत्र मुझ अंधे का लकड़ी है.




अंकुश रखना (दबाव में रखना) – कुछ भी अंकुश न रखने पर बच्चे बिगड़ जाते है.

अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मारना (अपनी ही हानि करना) – पढ़ने का समय व्यर्थ गँवाकर हम अपने पाँव पर कुल्हाड़ी मारते है.

अपन राग अलापना (दूसरों की अनसुनी कर अपनी ही सुनाये जाना) – ये बूढ़े तो अपना ही राग अलापा करते है, हम लोगो की कुछ सुनते ही नहीं.

हिंदी में मुहावरे

हिंदी में मुहावरे

अपना सा मुहँ लेकर रह जाना (अपमानित अनुभव कर लज्जित होना , खिसिया जाना) – छोटा सा बालक दौड़ में बाजी मार ले गया और बड़े – बड़े अपना सा मुहँ लेकर रह गए.

अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनना (अपनी बढ़ाई स्वयम करना) – अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनने से क्या लाभ, दूसरे लोग बड़ाई करे तो कोई बात भी हो.

अक्ल चकरा जाना (आश्चर्यचकित हो जाना, घबरा जाना) – विज्ञान के चमत्कार देखकर बड़े-बड़ों की अक्ल चकरा जाती है.

अपनी ही हाँकना (दूसरों की न सुनकर अपनी ही बात कहना) – श्यामसुंदर का काम तो अपनी ही हांकता है.

अपने आपे से बाहर होना (बहुत गुस्सा होना, क्रोध के कारण विवेकरहित हो जाना) – मनुष्य को किसी भी परिस्थिति में आपे से बाहर नही होना चाहिए.

आवाज बुलंद करना (विरोध करना) – युवकों का कर्तव्य है कि वे दहेज़ प्रथा के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करे.

आकाश चूमना (बहुत ऊँचा होना) – दिल्ली में अब कुतुबमीनार ही ऊँची इमारत नहीं रही, अनेक नयी इमारते आकाश चूमती दिखायी देती है.

आग लगाना (झगड़ा कराना) – राम और श्याम दोनों अच्छे मित्र थे. कल से वे परस्पर लड़ रहे है. निश्चित ही किसी चुगलखोर ने यह आग लगायी है.

आसन डोलना (मन का डिगना) – धन के लालच में बड़े – बड़ों का आसन डोल जाता है.

आकाश कुसुम (असम्भव कार्य या वस्तु) – विश्व की गरीबी समाप्त करना आकाश कुसुम हो गया है.

एक लाठी से सबको हाँकना (सब के साथ एक सा व्यवहार करना) – तुम योग्य अयोग्य बड़े-छोटे का कोई ध्यान नहीं रखते. सबको एक ही लाठी से हांकते हो, यह ठीक नहीं है.





ईट का जवाब पत्थर से देना (करारा जवाब देना) – जब पाकिस्तान ने भारत पर आक्रमण किया, तब भारत ने भी ईट का जवाब पत्थर से दिया.

एक आँख से देखना (समान समझना) – अच्छे अध्यापक कक्षा के सभी छात्रों को एक आँख से देखते है.

ऊँगली पर नाचना (पूर्ण रूपेण वश में करना) – अमरीका पाकिस्तान को सदेव उंगली पर नचाता है.

करार जवाब देना (कड़ा प्रत्युत्तर देना) – संगीता ने उमा को करारा जवाब देकर चुप कर दिया.

किनारा करना (साथ छोड़ देना) – स्वार्थी मित्र दुःख के समय किनारा कर लेते है.

कलेजे पर साँप लोटना (इर्षा से जलना) – परीक्षा में मुझे प्रथम श्रेणी प्राप्त होने पर हरी के कलेजे पर सांप लौट गया.

कलई खुलना (असली रूप प्रकट होना, पोल खुलना) – वह बड़ी चौरबाजारी करता है. आज कलई अवश्य खुल जायेगी.

कफन सर से बांधना (उच्च लक्ष्य के लिए मर मिटने को तैयार होना) – टैंकों की बढती हुई संख्या देखकर अब्दुल हमीद कफन सिर से बांधकर युद्ध के मैदान में कूद पड़ा.

हिंदी में मुहावरे

हिंदी में मुहावरे

कसौटी पर कसना (अच्छी तरह परखना) – विपत्ति रूपी कसौटी पर कसने से ही सच्चे मित्र की परख की जाती है.

कौप जाना (डर जाना) – पुलिस को देखकर चोर कांपने लगे.

कान में तेल डाल देना (बार-बार कहने पर भी ध्यान न देना) – देश में महँगाई चरम सीमा पर है, लेकिन भ्रष्ट अधिकारी कान में तेल डाले हुए बैठे है.

काँटे बिछाना (हानि पहुँचाने का प्रयास करना) – दुष्ट मनुष्य सज्जनों के मार्ग में कांटे बिछाते रहते है.

कुआँ खोदना (दूसरों को भारी हानि पहुँचाने का प्रयास करना) – जो दूसरों के लिए गड्डा खोदता है वह वास्तव में अपने लिए ही कुआँ खोदता है.




खाक में मिलना (पूरी तरह नष्ट हो जाना) – पुत्र के कुमार्गी होने के कारण पिता का सम्मान खाक में मिल गया.

खून खौलना (अत्यधिक क्रोधित होना) – अन्याय देखकर न्यायप्रिय मानवों का खून खोलने लगता है.

गीत गाना (प्रशंसा करना) – सारा संसार गांधीजी के गीत गाता है.

गाल बजाना (स्वयम की बेकार बड़ाई करना) – गाल बजाने से कोई विद्वान नहीं होता.

गुड गोबर कर देना (बनी हुई बात बिगाड़ देना) – शादी के उत्सव पर वर्षा होने से सारा गुड गोबर हो गया.

हिंदी में मुहावरे – गिरगिट की तरह रंग बदलना (एक बात पर स्थिर न रहना) – आजकल के नेता गिरगिट की तरह रंग बदलते रहते है.

गुदडी का लाल (निर्धन गुणवान व्यक्ति) – लालबहादुर शास्त्री गुदडी के लाल थे.

गले उतरना (समझ में आना, मन में बैठना) – वह सगा भाई होकर तुम्हारा ही गला काटेगा, यह बात मेरे गले नही उतरती.

घाट लगाना (शत्रु को हानि पहुँचाने के लिए मौका ढूढ़ना) – दुश्मन घाट लगाए बैठा था, मुझे खबर ही नहीं थी.

घास छिलना (व्यर्थ समय गवाना) – इतने सरल प्रशन का भी उत्तर नही दे सके, क्या साल भर घास छिलते रहे?

घोड़े बेचकर सोना (निश्चित होना) – परीक्षा सिर पर है, फिर भी वह ऐसे सोता है मानो घोड़ा बेचकर सो रहा है.

घुटने टेकना (हार मानना) – वीर पुरुषों के सामने कायर सदेव घुटने टेक देते है.

चकमे में आना (धोखे में आना, बहकावे में आना) – अनुभवी आदमी कभी किसी के चकमे में नहीं आता.

चैन की वंशी बजाना (बहुत सुखी होना) – आजकल सरकारी कर्मचारी वेतन बढ़ने से चैन की बंशी बजाते रहते है.

चेहरे का रंग उड़ना (डर जाना) – पुलिस को देखकर अपराधी के चेहरे का रंग उड़ गया.

छक्के छुड़ाना (हरा देना) – वाटरलू के युद्ध में अंग्रेजों ने नेपोलियन बोनापार्ट के छक्के छुड़ा दिए.

छक्के छुट जाना (साहस टूट जाना हैरान होना) – भारतीय सैनिकों के सामने शत्रुओं के छक्के छुट गए.




जान हथेली पर रखना (मौत की जरा भी चिंता न करना) – वीर युद्ध स्थल में जान हथेली पर रखकर युद्ध करते है.

जान के लाले पड़ना (प्राणों पर संकट आ पड़ना) – सीमा पर शत्रु की सेनाओं ने अत्याचार मचा रखा था. भारतीय सेनाओं के घेरा डालने पर उनको अपनी जान के लाले पड़ गए.

जी-जान से जुट जाना या जी-जान लड़ाना (बहुत परिश्रम करना, सारी ताकत लगा देना) – चन्द्रमा पर अपना अधिकार जमाने के लिए रूस और अमेरिका के वैज्ञानिक जी जान से जुटे है.

जान पर खेलना (जान की परवाह न करना) – भगतसिंह देश की आजादी के लिए अपनी जान पर खेल गए.

टूट पड़ना (अधिक संख्या में आ जाना) – कोई अच्छी फिल्म आते ही लोग छविगृह पर टूट पड़ते है.

टेढ़ी खीर (कठिन कार्य) – आजकल सरकारी नौकरी मिलना टेढ़ी खीर है.

टस से मस न होना (अपने निश्चय से न डिगना) – उसे बहुत लालच दिया गया, किन्तु वह टस से मस न हुआ.

तिलमिला उठाना (क्रोध में आना) – कनिष्क अपनी आलोचना सुनकर तिलमिला उठा.

तलवार से ढाल की तरह मिलना (शत्रुता के भाव से मिलना) – राम और श्याम पडोसी है, लेकिन दोनों तलवार से ढाल की तरह मिलते है.

तिल का ताड़ बनाना (छोटी बात को बढ़ा चढ़ाकर कहना) – बहुत से मनुष्य जब तक तिल का ताड़ नहीं बना देते, जब तक उन्हें चैन नहीं मिलता.

तूती बोलना (पर्याप्त प्रभाव होना) – आजकल संसार में भारत की तूती बोल रही है.

दाल न गलना (कार्य सिद्ध न होना, उपाय असफल होना) – संजय ने रजनी तथा राजीव को लड़ाने का बहुत प्रयास किया, लेकिन उसकी दाल न गली.

धाक जमाना (प्रभाव स्थापित करना) – उसने डाकुओं का सामना अकेले ही इतनी बहादुरी से किया कि सारे ग्राम में उसकी धाक जम गई.

हिंदी में मुहावरे – धरना देना (कोई काम करने के लिए अड़ जाना) – अपने मन के अनुकूल काम कराने के लिए आजकल धरना देना एक सामान्य बात हो गयी है.

नजर पड़ना (ध्यान जाना) – कोई बात बहुत समय तक छिपती नहीं, कभी न कभी उस पर लोगो की नजर पड़ जाती है.

नाक कटवाना (बेइज्जती करना) – चौरी करके नरेंद्र कुमार ने अपने माँ बाप की नाक कटवा दी.

नाकों चने चबाना (बहुत तंग करना)शिवाजी ने अपने आक्रमणों से मुग़ल सेना को नाकों चने चबा दिए.

नीव डालना (आरम्भ करना, सूत्रपात करना) – सन 1950 में इस विद्यालय की नीव डाली गयी थी.

पानी उतर जाना (अपमानित होना, इज्जत ख़त्म हो जाना) – गलत काम करोगे तो एक-न-एक दिन पानी उतरेगा ही.

पीठ ठोकना (प्रशंसा करना, प्रोत्साहित करना) – अच्छा काम करने पर बच्चो की पीठ ठोकनी चाहिए.

पानी-पानी होना (लज्जित होना) – परीक्षा भवन में नक़ल करते हुए पकडे जाने पर सोनू पानी पानी हो गया.

पत्थर की लकीर (स्थिर, अमित) – सच्चे मनुष्यों की बात पत्थर की लकीर होती है.

पैरो तले धरती खिसकना (होश उड़ जाना) – पुत्री की शादी में वर पक्ष द्वारा लम्बी प्रक्रिया की मांग से पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई.




पैर जमाना (आधिपत्य जमाना) – अंग्रेजों ने व्यापार के बहाने भारतवर्ष में अपने पैर बनाये थे.

पौ बारह होना (चतुर्दिक लाभ होना)बाजार में वस्तुओं के भाव बढ़ जाने से आजकल व्यापारियों के पौ बारह हो रहे है.

पाँचों उँगलियाँ घी में होना (लाभ ही लाभ होना)व्यापार तो चमका ही था, लाटरी भी निकल आयी. अब तो पाँचों उँगलियाँ घी में है.

फूला न समाना (अत्यधिक खुश होना) – परीक्षा में पुत्र के प्रथम श्रेणी में उतीर्ण होने पर पिता फुले न समाये.

बालू की जमीन पर खड़ा होना (कोई आधार न होना) – रामजीलाल की फेक्ट्री बालू को जमीन पर खडी थी, इसलिए जल्दी बंद हो गई.

बाएँ हाथ का खेल (आसान कार्य) – शत्रु को जीतना राजपूत वीरो के लिए बायें हाथ का खेल था.

बाल बाँका न होना (थोड़ी सी हानि न होना) – धनवान व्यक्तियों का कोई भी बाल-बाँका नही कर सकता.

बाल की खाल निकालना (सूक्ष्म विश्लेषण) – अदालतों में वकील बाल की खल निकाल लेते है.

बीड़ा उठाना (उत्तरदायित्व लेना)महात्मा गाँधी ने देश को स्वतंत्र करने का बीड़ा उठाया था.

बोलबाला होना (सम्मान अथवा प्रभाव होना) – आजकल हर जगह पैसे वालों का ही बोलबाला है.

बांछे खिलना (अत्यंत प्रसन्न होना) – चुनाव में विजय का समाचार सुनकर उसकी बांछे खिल गई.

भीगी बिल्ली बनना (सामना करने से डर जाना) – बड़ा तीसमारखा बनता था, लेकिन मेरी ललकार सुनकर भीगी बिल्ली बन गया.

भाड़ झोंकना (व्यर्थ समय खोना) – किसी भी विषय में तुम्हे उत्तीर्णांक तक नही मिले, साल भर तक क्या भाड़ झोंकते रहे?

मुँह में पानी भर जाना (लालच आना) – मिठाई को देखते ही जयति में मुँह में पानी भर आया.

मुँह ताकना (आश्रित होना) – आलसी पुरुष अपने काम के लिए हमेशा दूसरों का मुँह तकते रहते है.

हिंदी में मुहावरे – मुँह छिपाना या चुराना (लज्जा से सामने न आना) – उसने उधार का पैसा वापस नही किया, इसलिए मुहँ छिपाए बैठा है.

रुपयों की वृष्टि होना (बहुत अधिक आमदनी होना) – ईमानदारी से काम करने से ही रुपयों की वृष्टि होती है.

राह निकालना (समस्या का समाधान खोजना) – अपने काम में सफलता पाने के लिए बुद्धिमान कोई न कोई राह निकाल ही लेते है.




हिंदी में मुहावरे – रंग जमाना (प्रभाव स्थापित करना) – नीरज ने कवि सम्मेलन में अपनी कविताओं से अपना रंग जमा लिया.

रंग चढ़ना (प्रभाव होना) – आजकल के युवकों पर फैशन का रंग चढ़ गया है.

रंग में भंग होना (ख़ुशी में विघ्न उपस्थित हो जाना) – विवाह का कार्य शुरू ही हुआ कि वर्षा के कारण रंग में भंग पड़ गया.

राई का पहाड़ बनाना (थोड़ी सी बात को बढ़ा देना) – बहुत से मनुष्यों को राय का पहाड़ बनाने की आदत होती है.

रोड़ा अटकाना (विघ्न डालना) – रामजी को नौकारी मिल रही थी, लेकिन महावीर ने रोड़ा अटका दिया.

रोंगटे खड़े हो जाना (डर जाना) – जंगल में अचानक झाड़ी से शेर निकल आया, देखते ही देखते सबके रोंगटे खड़े हो गए.

लोहा लेना (युद्ध करना)महाराणा प्रताप से लोहा लेने का साहस बहुत कम वीर करते थे.

लोहे के चने चबाना (अत्यधिक कठिन कार्य करना) – आजकल महँगाई के कारण परिवार का भरण पोषण करना लोहे के चने चबाना है.

सिर पीट लेना (बहुत दुखी होना, पश्चाताप करना) – व्यापार में घाटा होने पर कृष्णलाल ने अपना सिर पीट लिया.

हिंदी में मुहावरे – सिर ऊँचा करना (सम्मान होना) – नगेन्द्र ने परीक्षा में प्रथम श्रेणी प्राप्त करके अपने माता पिता का सिर ऊँचा कर दिया.

सिर निचा होना (सम्मान गिरना) – तुम्हे ऐसा कार्य भूलकर भी नहीं करना चाहिए, जिससे तुम्हारे पिता का सिर नीचा हो.

सीधे मुँह बात न करना (अभिमान करना) – नौकरी लगते ही रामनाथ ने अपने मित्रों से सीधे मुँह बात करना बंद कर दिया.




हवाई किले ढह पड़ना (कल्पनाओं का नष्ट हो जाना) – चुनाव में हारते ही नेताजी के हवाई किले ढह पड़े.

हवाई किले बनाना (बड़ी-बड़ी कल्पनाये करना) – जो हवाई किले बनाया करते है, वे जीवन में कुछ नही कर सकते.

ह्रदय कॉप उठना (बहुत डर लगना)तृतीय विश्वयुद्ध की बात सोचते ही ह्रदय काँप उठता है.

हथेली पर सरसों ज़माना (अति शीघ्रता करना) – रजनीकांत ने राजीव वर्मा से कहा कि तुम्हारे कार्य में समय लगेगा, क्योकि हथेली पर सरसों नही जम सकती.

हाथ धोकर पीछे पड़ना (बुरी तरह पीछे पड जाना) – दुष्ट व्यक्ति सज्जनों के पीछे हाथ धोकर पड़ पाते है.

हिंदी में मुहावरे – हाथ मलते रह जाना (पश्चाताप करते रहना) – यदि तुमने कठिन मेहनत नहीं की तो अंत में हाथ मलते रह जाना पड़ेगा.

हाथ पाँव फूलना (घबरा जाना) – परीक्षा के दिनों में आलसी छात्रों के हाथ पाँव फुल जाते है.

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