Category: Hindi Stories

Source of Inspiration देवी अहिल्या बाई 0

Source of Inspiration देवी अहिल्या बाई

Source of Inspiration जन जन कि प्रेरणा स्त्रोत देवी अहिल्या बाई लगभग २२० वर्षो तक शासन करने वाले होलकर राजवंश के १४ शासको में देवी अहिल्याबाई एकमात्र महिला शासिका थी. सन १७६५ ई. से १७७५ ई. तक शासन कि बागडोर उनके पवित्र हाथो में रही. १८वि सदी के भारत में राजनितिक द्रष्टि से जितना बिखराव और अस्थिरता रही...

विश्व के उपवन में सद्भावो का कल्पवृक्ष 0

सद्भावो का कल्पवृक्ष

सित पुष्पित और फलित करती सद्भावना के अभाव में कोई भी परिवार, समाज या राष्ट्र संगठित सशक्त और उन्नत नहीं हों सकता. नीतिशास्त्र हमें भले ही शठे शाठ्य समाचरेत का उपदेश दे, धर्मशास्त्र तो हमें हमेशा शठे शिष्ट समाचरेत कि ही शिक्षा देते है. महात्मा कबरिदास हमें इसी सिधान्त कि और इन्गीत करते हुए कहते है. निंदक नियरे...

Munshi premchand story 0

Munshi premchand story

विश्वकवि रविंद्रनाथ टैगोर के अनुसार “हिन्दुस्तान महापुरुषों का सागर है l ” ऐसे ही महापुरुषों में महान साहित्यकार के रूप में एक नाम आता है – मुंशी प्रेमचन्द्र का। आप हिंदी जगत् में एक महान कहानीकार और उपन्यास सम्राट के रूप में विख्यात हैं। प्रेमचंद्रजी के हिंदी-जगत में पदार्पण के पूर्व हिंदी के प्रारंभिक उपन्यासकार या तो तिलस्मी...

Good and bad deeds 0

Selfless meaning, Good and bad deeds

What is Selfless deeds ?  (निष्काम कर्म क्या है ?) Good and bad deeds  (अच्छे और बुरे कर्म ) जिस प्रकार विनम्रता न हो, तो विध्या व्यर्थ है , उसी प्रकार कर्म न हो, तो जीवन व्यर्थ है. कर्म जीवन की आधारशिला है यह सफलता या असफलता का मूल है. यदि हम काम नहीं करते और केवल भाग्य के...

The Guru Puja Story of Shivaji 0

The Guru Puja Story of Shivaji

एक बार स्वामी रामदास के पेट में दर्द हो रहा था।  उस दर्द की असहनीय अवस्था में स्वामी जी बार बार कराह उठते थे। उनके चारो तरफ उनके प्रिय शिष्य बैठे हुए थे।  अँधेरी रात थी। मूसलाधार बारिश  हो रही थी। बादल गरज रहे थे।  बिजली चमक रही थी। गुरूजी के पास बैठे एक बालक से जब गुरूजी...

Kati Patang Story कटी पतंग कहाँनी 0

Kati Patang Story कटी पतंग कहाँनी

  Kati Patang Story कटी पतंग – Kati patang story in Hindi भारत देश में पतंग का त्यौहार हर साल आता है और इस त्यौहार में आप पतंग के इस खेल को किस तरह से कहानी का रूप दिया गया है. संक्राति का पर्व था। प्रातः वेला थी। भगवान भास्कर अपनी समस्त रश्मियाँ पृथ्वी – मण्डल पर बिखरे...