Solve Cervical Spondylosis Problem


Cervical Spondylosis

सावधानी रखे तो दूर रहेगी cervical spondylosis

गर्दन शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंग सिर को न केवल सहारा देती है, बल्कि अपने लचीलेपन के कारण इसको इधर उधर घुमाने में मदद भी करती है. रीढ़ की हड्डी के 32 वट्रिब्रायो में से जो पहली सात वट्रिब्रा या कड़ियों को सवाईकल वट्रिब्रा के नाम से जाना जाता है. गर्दन में दर्द, जो सवाईकल को प्रभावित करता है, cervical spondylosis कहलाता है. यह दर्द गर्दन के निचले हिस्से दोनों कंधों, कॉलर बोन और कंधों के जोड़ तक पहुँच जाता है. इससे गर्दन घुमाने में परेशानी होती है और कमजोर मांसपेशियों के कारण बाहों को हिलाना भी मुश्किल होता है.




 

बीमारी के कारण

कोई गंभीर चोट दर्द को बढ़ा सकती है. अगर आप ऐसा कोई काम करते है. जिसमे आपको गर्दन या सर को बार – बार घुमाना पड़ता हो तो आप सवाईकल cervical spondylosis के शिकार हो सकते है. इसके अलावा टेढ़े मेढ़े होकर सोना, हमेशा लचकदार बिछोनों पर सोना, आरामदेह सोफों और गद्देदार कुर्सी पर घंटों बैठे रहना, सोते रहना, लेटकर टीवी देखना, गलत ढंग से वाहन चलाना, बहुत झुककर पढना, लेटकर पढना और घंटो सिलाई बुनाई करने वाले लोगों को इसकी समस्या हो सकती है.

Cervical Spondylosis Back Problem

Cervical Spondylosis Back Problem

 

 

आसन को बनाये आदत

ऐसे लोगों को गर्दन को आगे झुकाने वाले आसनों का अभ्यास नहीं करना चाहिए. रोग गंभीर स्थिति में फिजियोथेरेपिस्ट का सहारा लेना चाहिए. जब थोड़ा आराम मिल जाए तो वज्रासन, सर्पासन, मकरासन, भुजंगासन का अभ्यास करना चाहिए. जब दर्द बहुत कम हो जाये तो योग्य मार्गदर्शन में मत्स्यासन सुप्त वज्रासन, सरल धनुरासन आदि को अभ्यास में जोड़ देना चाहिए.

 

 

 

करे खास उपाय

गर्दन को घड़ी की दिशा में हल्के हल्के पांच या दस बार घुमाए. फिर यही क्रिया विपरीत दिशा में करे. अपनी ठुड्डी को सीने की तरफ झुकाए, रुके इसके बाद सिर को पीछे ले जाए. अपने सिर को बाए तरह के कान की तरह मोड़े रुके और इसके बाद मध्य में लाये. यही क्रम दाए तरफ भी करे.

 

गर्दन में दर्द होने पर किसी भी तेल से हल्के हल्के मालिश करे. मालिश हमेशा ऊपर से नीचे की और ही करे यानी गर्दन से कंधे की और ही करे. मालिश के बाद गर्म पानी की थैली से या कांच की बोतल में गर्म पानी भरकर सिकाई करे. सिकाई के बाद तुरंत खुली हवा में न जाए. सोते समय बेहतर होगा कि ताकिय का प्रयोग न करे और अगर करना ही हो तो कम ऊचाई वाले, पतले रुई के तकिये का प्रयोग करे.

 

आपका बिस्तर समतल हो, झुलेनुमा न हो. तीव्र दर्द के हालात में गर्म पानी में नमक डालकर सिकाई करे. यह क्रम दिन में कम से कम 3 से 4 बार जरुर करे. दर्द को जल्द आराम देने में यह काफी लाभदायक है. यदि फिर भी दर्द से छुटकारा न मिले तो डॉक्टर से जांच कराए. बगेर डॉक्टरी सलाह के कोई भी दर्द निवारक दवा न ले. फिजियोथेरेपिस्ट के बताये अनुसार ही गर्दन का व्यायाम करे.

 

जब तक दर्द सामान्य या पूरी तरह ठीक नहीं हो जाता तब सरविकल कॉलर के उपयोग से गर्दन का हिलना डुलना नियंत्रित रखना चाहिए. एकदम कम मिर्च मसालेदार, हल्का, सुपाच्य सात्विक आहार का ही सेवन करे. फ्रिज और अन्य सभी ठंडी चीजो के सेवन से बचे.

 

बरते सावधानियां

अगर आपका यह दर्द शुरूआती है तो आप इसका सामान्य उपचार घर पर ही कर सकते है. मेक्स स्मार्ट सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल साकेत के डायरेक्टर ऑफ़ ओर्थोपेडिक्स रमनीस महाजन कहते है कि जब भी कुर्सी या सोफे पर बैठे तो पीठ को सीधी रखे तथा घुटने नितम्बों से ऊँचे होने चाहिए. गाड़ी चलाते समय अपनी पीठ को सीधी रखे. कोमल, फोम के गद्दों पर लेटना छोड़कर तख्त का प्रयोग करे. ज्यादा देर लेटकर टीवी न देखे और लगातार कंप्यूटर पर न बैठे अगर ऐसा करना जरुरी है तो अपनी गर्दन को थोड़ी-थोड़ी देर में इधर उधर घुमा दे.

 

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