अटपटी उलझी लताये सन्दर्भ प्रसंग

अटपटी उलझी लताये सन्दर्भ डालियों को खींच खाए पैर को पकडे अचानक प्राण को कास ले कपाये बला की काली लताये लताओं के बने जंगल सतपुड़ा के घने जंगल ऊँघते अनमने जंगल   सन्दर्भ और प्रसंग – कवि यहाँ पर सतपुड़ा के जंगलों का वर्णन कर रहा है. व्याख्या – कवि कहता है कि सतपुड़ा के जंगलों में...