नीरा की कहानी Hindi Story

नीरा के ऊपर एक कहानी नीरा – अब और आगे नहीं, इस गंदगी में कहाँ चलते हो, देवनिवास थोड़ी दूर और कहते हुए देवनिवास ने अपनी साइकिल धीमी कर दी, किन्तु विरक्त अमरनाथ ने ब्रेक दबाकर ठहर जाना ही उचित समझा. देवनिवास आगे निकल गया. मौलसीरी का वह सघन वृक्ष था, जो पोखर से सड़ी हुई दुर्गन्ध आ...