पंचवटी का सौदर्य Panchavati

पंचवटी का सौदर्य पंचवटी का सौदर्य जिसमे पंचवटी मैथलीशरण गुप्त ने प्रकृति के सौदर्य का दर्शाया है. आँखों के आगे हरियाली रहती है हर घड़ी यहाँ जहाँ तहाँ झाड़ी में झिरती है झरनों की झड़ी यहाँ वन की एक-एक हिमकणिका जैसी सरस और शुचि है, क्या सौ-सौ नागरिक जनों की वैसी विमल रम्य रूचि है? सन्दर्भ प्रसंग –...