परोपकार भावना | तुलसीदासजी का प्रसंग

परोपकार भावना परोपकार भावना एक पवित्र भावना है. मनुष्य वास्तव में वही है जो दूसरों का उपकार करता है. यदि मनुष्य में दया, ममता परोपकार और सहानुभूति की भावना न हो तो पशु और मनुष्य में कोई अंतर नही रहता. मैथलीशरण गुप्त के शब्दों में, मनुष्य है वही जो मनुष्य के लिए मरे. मनुष्य का यह परम कर्तव्य...